‘विदेशी नस्ल के कुत्तों और चीनियों के लिए नो एंट्री’
‘विदेशी नस्ल के कुत्तों और चीनियों के लिए नो एंट्री’
देश में चीन के प्रति बढ़ते विरोध के बीच एमपी के इंदौर में एक ढाबे के बाहर लगा पोस्टर वायरल हो रहा है। पोस्टर में चीनियों को विदेशी नस्ल के कुत्तों के बराबर बताया गया है। यही नहीं, ढाबा संचालक ने अपने यहां मंचूरियन नूडल्स की बिक्री बंद कर दी है और सैनिकों को मुफ्त सेवाएं दे रहा है।इंदौर के मालवा मिल चौराहे पर राजाराम ढाबे के संचालक ने अपने ढाबे के बाहर जो बैनर लगाया है, उस पर पर चीनी सामानों के विरोध की बात लिखी हुई है। साथ में लिखा है कि विदेशी नस्ल के कुत्ते और चीनी इंसानों का प्रवेश बंद है। अपने अनूठे स्लोगन के कारण पोस्टर इंदौर और आसपास के इलाकों में भी सुर्खियां बंटोर रहा है।Lalji Tandon Death: कभी मायावती से राखी बंधाकर मुंहबोले भाई बने थे टंडनढाबा संचालक का कहना है कि चीन जिस तरह से पूरे विश्व में कोरोना की महामारी लेकर आया है, उससे वे बेहद खफा हैं। चीन जिस तरह लगातार भारतीय सेना पर हमले कर रहा है, उसका विरोध किया जाना स्वभाविक है। संचालक राजाराम का कहना है कि उनकी दुकान में 40 फीसदी बिक्री मंचूरियन नूडल्स की होती थी, लेकिन अब उन्होंने इसे बनाना ही बंद कर दिया है। उनका कहना है कि वे भविष्य में भी कभी मंचूरियन नूडल्स नहीं बेचेंगे। राजाराम ढाबे की एक खासियत ये भी है कि जो भी भारतीय सेना से जुड़ा रहता है, उसे निःशुल्क सेवा मिलती है। देश के सैनिकों से किसी चीज के लिए ढाबे में पैसे नहीं लिए जाते।
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July 22, 2020 at 05:55AM
देश में चीन के प्रति बढ़ते विरोध के बीच एमपी के इंदौर में एक ढाबे के बाहर लगा पोस्टर वायरल हो रहा है। पोस्टर में चीनियों को विदेशी नस्ल के कुत्तों के बराबर बताया गया है। यही नहीं, ढाबा संचालक ने अपने यहां मंचूरियन नूडल्स की बिक्री बंद कर दी है और सैनिकों को मुफ्त सेवाएं दे रहा है।इंदौर के मालवा मिल चौराहे पर राजाराम ढाबे के संचालक ने अपने ढाबे के बाहर जो बैनर लगाया है, उस पर पर चीनी सामानों के विरोध की बात लिखी हुई है। साथ में लिखा है कि विदेशी नस्ल के कुत्ते और चीनी इंसानों का प्रवेश बंद है। अपने अनूठे स्लोगन के कारण पोस्टर इंदौर और आसपास के इलाकों में भी सुर्खियां बंटोर रहा है।Lalji Tandon Death: कभी मायावती से राखी बंधाकर मुंहबोले भाई बने थे टंडनढाबा संचालक का कहना है कि चीन जिस तरह से पूरे विश्व में कोरोना की महामारी लेकर आया है, उससे वे बेहद खफा हैं। चीन जिस तरह लगातार भारतीय सेना पर हमले कर रहा है, उसका विरोध किया जाना स्वभाविक है। संचालक राजाराम का कहना है कि उनकी दुकान में 40 फीसदी बिक्री मंचूरियन नूडल्स की होती थी, लेकिन अब उन्होंने इसे बनाना ही बंद कर दिया है। उनका कहना है कि वे भविष्य में भी कभी मंचूरियन नूडल्स नहीं बेचेंगे। राजाराम ढाबे की एक खासियत ये भी है कि जो भी भारतीय सेना से जुड़ा रहता है, उसे निःशुल्क सेवा मिलती है। देश के सैनिकों से किसी चीज के लिए ढाबे में पैसे नहीं लिए जाते।
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