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उर्दू, संस्कृत...रेल स्टेशनों के नाम पर क्यों तकरार?

उर्दू, संस्कृत...रेल स्टेशनों के नाम पर क्यों तकरार?
रेलवे विभाग का नियम कहता है कि किसी भी राज्य की दूसरी स्थानीय भाषा को उस रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर लिखना अनिवार्य होगा। बता दें कि जब देहरादून यूपी का हिस्सा था तो दूसरी भाषा उर्दू ही थी, जिस वजह से उर्दू में नाम लिखे गए थे।

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February 15, 2020 at 09:02AM

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