साल 2014 में सूरत में 44 लोगों ने एक साथ दीक्षा ली थी। एक फरवरी को होने वाले कार्यक्रम का नाम रत्नात्रेय समर्पणोत्सव है। जब युवा दीक्षा लेने की इच्छा जताते हैं, तो उन्हें अपने माता-पिता और गुरुजी से अनुमति लेनी होती है। साथ ही गुरु के साथ कुछ वक्त गुजारना होता है।
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