प्याज के दाम से रोए किसान, 42 अरब का झटका
घरेलू बाजार में कीमत थोड़ी भी बढ़ती है तो निर्यात में कटौती का आदेश आ जाता है और किसान ऊंची कीमत पाने से वंचित रह जाते हैं। लेकिन, जब कीमतें बिल्कुल नीचे चली जाती हैं तो ऐसी तत्परता देखने को नहीं मिलती है और तब निर्यात की मात्रा नहीं बढ़ाई जाती है।
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